Top 51+ चुगलखोरों पर शायरी – चुगलखोर शायरी इन हिंदी

चुगलखोरों पर शायरीकुछ लोगों को दुसरो की चुगली करने की आदत है। वे बिना किसी की चुगले किये रह नही पाते है। यदि आप चुगलखोरों के लिए कुछ शब्द या शायरी की खोज कर रहे हो तो इस पोस्ट में चुगलखोर लोगों पर शायरी के साथ साथ चुगली स्टेटस इन हिंदी भी लिखी गई है।

चुगलखोरों पर शायरी

जो दुसरो की चुगली करते है,
वो अक्सर चुगलखोर होते है।

Jo dusaro ki chugli karte hai,
Wo aksar chugalkhor hote hai.

चुगलखोरों-पर-शायरी (1)
चुगलखोरों पर शायरी

 

दुसरो की बातों करना छोड़ दो,
चुगलखोरों से दुरी बनाकर रखो।

Dusaro ki baton karna chhod do,
Chugalkhoro se duri banakar rakho.

हर एक इंसान की बात करने की भी सीमा होती है,
चुगलखोरों की दुसरो से बात करने की सीमा पार होती है।

Har ek insan ki bat karne ki bhi sima hoti hai,
Chugalkhoro ki dusaro se bat karne ki sima par hoti hai.

जो दुसरो की बातें करने में इंटरेस्ट लेते है,
ऐसे लोग बातों के चक्कर में खुद का टाइम वेस्ट करते है।

Jo dusaro ki bate karne me interest lete hai,
Aise log bato ke chakkar me khud ka time west karte hai.

चुगलीखोर शक्ल के अच्छे होते है,
मगर अक्ल के कच्चे होते है।

Chugalkhor shakl ke achchhe hote hai,
Magar akl ke kachche hote hai.

कहने को तो सब अपने होते,
चुगलखोर हमेशा ही चुगली करते।

Kahne ko to sab apne hote,
Chugalkhor hamesh hi chugali karte.

जो दुसरो की बातों को करने में अपना वक्त बर्बाद करते है,
ऐसे चुगलखोर लोग कभी भी जीवन में आबाद‌‌ नही होते है।

Jo dusaro ki baton ko karne me apna waqt barbad karte hai,
Aise chugalkhor log kabhi bhi jeevan me aabad hote hai.

चुगलखोर से जितना हो सके बचकर रहना,
ऐसे लोगों से हमेशा दूरी बनाकर रहना।

Chugalkhor se jitna ho sake bachkar rahna,
Aise logon se hamesha duri banakar rahna.

चुगलखोरों की भी अलग ही कहानी है,
ऐसे ही लोगों की दुनिया दीवानी है।

Chugalkhoro ki bhi alag hi kahani hai,
Aise hi logo ki duniya diwana hai.

देखने को तो सबका चेहरा लगता है प्यारा,
चुगलखोरों का खेल होता है निराला।

Dekhne ko to sabka chehra lagta hai pyara,
Chugalkhoro ka khel hota hai nirala.

हर इंसान की‌ भी एक न एक हैसियत होती है,
दुसरो की बातें करना लोगों की शख्सियत होती है।

Har insan ki bhi ek na ek haisiyat hoti hai,
Dusaro ki bate karna logon ki shakhshiyat hoti hai.

हम अपना समझकर अपनी सारी बात बताते,
वो साला चुगलखोर निकला हम पर हक जताते।

Hum apna samajhkar apni sari bat batate,
Wo sala chugalkhor nikala hum par hak jatate.

जररूत पड़ने पर लोग अपने चेहरे पर बेशर्मी का पर्दा डाल लेते है,
चुगलखोर चुगली करने के चक्कर में अपनों को भी बाहर कर देते है।

Jarurat padne par log apne chehre par besharmi ka parda dal lete hai,
Chugalkhor chugali karne ke chakkar me apno ko bhi bahar kar dete hai.

इंसान पर भरोसा तब तक किया जाता है जब तक हमें कोई नुकसान नही होता,
ऐसे तो चुगलखोर इंसान का भी कोई ईमान नही होता।

Insan par bharosa tab tak kiya jata hai jab tak hume koi nuksan nahi hota,
Aise to chugalkhor insan ka bhi koi iman nahi hota.

जो दुसरो की बातों को दुसरो को बताता है,
वो इंसान ही चुगलखोर कहलाता है।

Jo dusaro ki baton ko dusaro ko batata hai,
Wo insan hi chugalkhor kahlata hai.

जिस पर विश्वास जताया,
उसने ही चुगली करके दिखाया।

Jis par vishwas jataya,
Usne hi chugli karke dikhaya.

चुगलखोर शायरी इन हिंदी

दुसरो की बातों को दिल से ना लगाना,
पीठ पीछे बात करने वालो का कोई नही होता है ठिकाना।

Dusaro ki baton ko dil se na lagana,
Pith pichhe bat karne walo ka koi nahi hota hai thikana.

चुगलखोरों-पर-शायरी (2)
चुगलखोरों पर शायरी

 

जो पीठ पीछे बात करते है,
वो असल में चुगलखोर होते है।

Jo pith pichhe bat karte hai,
Wo asal me chugalkhor hote hai.

पीठ पीछे बात करने वालो के साथ रहकर तू भी बेनाम होगा,
आज भले ही शरीफ है कल बदनाम होगा।

Pith pichhe bat karne walo ke sath rahkar tu bhi benam hoga,
Aaj bhale hi sharif hai kal badnam hoga.

जब भी पीठ पीछे बात करने वाले हमारे सामने आते है,
ऐसे लोगों पर विश्वास न करने की सीख दे जाते है।

Jab bhi pith pichhe bat karne wale hamare samne aate hai,
Aise logon par vishwas na karne ki sikh de jate hai.

हमारे जीवन में जो भी अपना बनकर आया,
अक्सर वही इंसान पीठ पीछे बात करने वाला निकल गया।

Hamare jeevan me jo bhi apna bankar aaya,
Aksar wahi insan pith pichhe bat karne wala nikal gaya.

चाहे कितने भी रहो आप दूर,
फिर भी चुगलखोर आपकी बातें करते है भरपूर।

Chahe kitne bhi raho aap dur,
Phir bhi chugalkhor aapki bate karte hai bharpur.

जब भी बुरा वक्त आता है,
चुगलखोर बातें बना जाता है।

Jab bhi bura waqt aata hai,
Chugalkhor bate bana jata hai.

कैसे किसी पर भरोसा किया जाए लोग बहुत ही घटिया होते है,
चुगलखोर ही लोगों को अच्छे नजर आते है।

Kaise kisi par bharosa kiya jaye log bahut hi ghatiya hote hai,
Chugalkhor hi logo ko achchhe nazar aate hai.

दुनिया के सामने सच्चे इंसान वही होते है,
जो अक्सर पीठ पीछे बात करते है।

Duniya ke samne sachche insan wahi hote hai,
Jo aksar pith pichhe bat karte hai.

कुछ लोग बात बात पर रिश्ता तोड़ जाते है,
चुगलखोर बहाना बनाकर निकल जाते है।

Kuchh log bat bat par rishta tod jate hai,
Chugalkhor bahana banakar nikal jate hai.

जो हर वक्त आपका इस्तेमाल करते है,
चुगलखोर भी बड़े ही कमाल करते है।

Jo har waqt aapka istemal karte hai,
Chugalkhor bhi bade hi kamal karte hai.

कैसे विश्वास करें दुसरो के प्यार पर,
पीठ पीछे बात करने वाले मजा उड़ाते है अपनों की हार पर।

Kaise vishwas kare dusaro ke pyar par,
Pith pichhe bat karne wale maza udate hai apno ki har par.

जो अपनेपन का दिखावा करते है,
वो चुगलखोर आपकी ही बातें करते है।

Jo apnepan ka dikhawa karte hai,
Wo chugalkhor aapki hi bate karte hai.

हर जगह अपना ही नाम होगा,
एक दिन पीठ पीछे बात करने वाला यूं ही बदनाम होगा।

Har jagah apna hi nam hoga,
Ek din pith pichhe bat karne wala yun hi badnam hoga.

जिन्होंने हमसे सीखा वो हमें ही सिखाते है,
कभी वो मासुम थे आज वो पीठ पीछे बात करने वालो की गिनती में आ जाते है।

Jinhone humse sikha wo hume hi sikhate hai,
Kabhi wo masum the aaj wo pith pichhe bat karne walo ki ginti me aa jate hai.

पीठ पीछे बातें करने वालो को मैं समझ नही पाया,
उनके दिल में क्या था देख नही पाया।

Pith pichhe bate karne walo ko main samajh nahi paya,
Unke dil me kya tha dekh nahi paya.

दिल में कुछ और ही, होंठों पर मुस्कान होती है,
चुगलखोरो की यही पहचान होती है।

Dil me kuchh aur hi, hothon par muskan hoti hai,
Chugalkhoro ki yahi pahchan hoti hai.

Final Words – यदि आपको चुगलखोरों पर शायरी पसंद आये तो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हो।

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